Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

Samar Singh

Samar Singh

Samar Singh

@ samar-singh
, Uttar Pradesh

Good

  • Followers:
    4
  • Following:
    1
  • Total Articles:
    136
Share on:

My Articles

होगी कैसे बात, नहीं हुई अभी मुलाकात, न बीते ये हालात, नहीं आई अभी सौगात, छुपी दिल में जज्बात, खुद पा जायेगी क्या मात, ऐ! खुदा बदल दे मेर� read more >>
हर ओर दिवाली है, जगमग दीप जलते हैं जाने कितने सबके, रह - रह के सपने पलते है। शमां जल बुझ रहे रहे, ख्वाब न बुझ पाया। दीपक दिल का जलता है, read more >>
उन नशीली आँखों में, एक सदियों की प्यास थी। ढूँढती थी नजर कि, किसी की तलाश थी।। सारा ये आलम नशे में बेहोश है, हवाएं सर्द फिजा मदहोश है� read more >>
दिल्ली दहल रहा है, बिहार बदल रहा है, कि आतंकवाद से, जम्मू- कश्मीर जल रहा है। यहाँ रोज होने लगे है धमाके, दिन में भी पड़ने लगे है डाँके� read more >>
तुम्हें भी गम है, मुझे भी गम है। तनहाई में तुम हो, तनहाई में हम हैं।। कब बदलेगा ये आलम, आयेगी कब खुशी का मौसम। चल रही है कयामत की आँधि� read more >>
तुम्हारा राहों पे चलते- चलते, बार- बार पीछे मुड़ना। तुम्हारा नजरे बचाकर मिलाना, मिलाकर नजरों को झुकाना। यह अदा एक भयंकर कयामत है, इ� read more >>
ख्वाब कुचल गए, सपने हो गए राख। जब से तुझे बेवफा जाना, जिन्दगी हमारी हो गयी खाक।। धुँआ- धुँआ सी जिंदगी हो गयी, दिल में बरसातें, आँखें न� read more >>
यादों के चिरागों को, दिल में आज भी जलायें हैं। एक झलक तुझे देखने के खातिर, आँखों ने कितने दरिया बहायें हैं।। हम तुझे अपना मान लिए कब � read more >>
सभी हँस -गा रहे हैं, क्यों मैं ही दुःखों का मेला हूँ। अपनों के इस भीड़ में, क्यों मैं अकेला हूँ।। क्यों मुझे अकेलापन लग रहा है, ये कैस read more >>
हाल क्या बयाँ करूँ, मेरे गाँव की हालात बदल गई। पहले खुले आम लड़ते थे, अब तो सबकी नफरत बदल गई। दो पक्षों को लड़ाया जाता है, आपस में उनक� read more >>
Join Us: