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Samar Singh

Samar Singh

Samar Singh

@ samar-singh
, Uttar Pradesh

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कोई आगे बढ़ जाता है, कोई पीछे रह जाता है l किनारों पर खड़ा रह जाता है कोई, कोई लहरों के संग बह जाता है l एक आहट सी, यादों की सरसराहट सी, दि� read more >>
कान्हा छोड़ गयो देश रे, उनका आया नहीं संदेश रे l मधुवन के पंछी रोवे, रोती है जमुना की मछली l गायें आँखों से मोती बरसाती है, गोपियाँ बन ग read more >>
पानी के बर्फ सा दिल, गम की गर्मी से पिघला दिल। ठंडी - ठंडी सर्द हवाएं, आँखों में शबनम लाये। याद किसकी है जो जमती जाए, हरवक्त पास बुलाय� read more >>
भगवान जो करता है, भले के लिए करता है। जो गम भेजे, दिल में उसको सहेजे, ये गम की धारा, बनाती है खुशियों का किनारा। तू क्यों अभी आहें भरता read more >>
तुमसे मुहब्बत करने का पाप किया, कि मैंने आवारापन में टॉप किया। तुम ऐसी थेसिस हो कि क्या बताएं, कि मैंने नई कोचिंग का रास्ता नाप लिया� read more >>
मैं वहीं हूँ, वहीं हूँ, हूँ मैं वहीं। जो तेरी नींदे उड़ाया, प्यार दिल में जगाया,। आके तेरे खाबों में, हर सपना जिसने सजाया। मैं गुम ना ह� read more >>
दिल की शाख पे बैठा कोई परिंदा, हर घड़ी हर पल प्यार की कूँक लगाए। उड़ जा तू यहाँ से ,मत अपना बसेरा बना, फिर ना जाने कौन मुहब्बत की हूक जगा� read more >>
बहकी हवाएं, सुलगा है मन, आगे क्या होगा माजरा। सितम की घड़ी है, या भरम है रे! बावरा।। मुहब्बत को कैसे कह दे हम, लगता है हमको खुद से डर। � read more >>
ऐसा क्यों मेरे साथ हुई, एक वहीं बात हुई। बिछड़े है तुमसे ये यार कैसे, कि फिर ना मुलाकात हुई। बिन सावन के आँखों से बरसात हुई, दिन के उज read more >>
दूर तक निगाह थी, दिखती नहीं राह थी। गुमसुम सा बैठा था बस में। बलखा के बस हुई खड़ी, लहरा के वो चढ़ी। नजर क्या लड़ी, नहीं रहा मेरा दिल मे read more >>
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