कोई आगे बढ़ जाता है,
कोई पीछे रह जाता है l
किनारों पर खड़ा रह जाता है कोई,
कोई लहरों के संग बह जाता है l
एक आहट सी, यादों की सरसराहट सी,
दि� read more >>
दिल की शाख पे बैठा कोई परिंदा,
हर घड़ी हर पल प्यार की कूँक लगाए।
उड़ जा तू यहाँ से ,मत अपना बसेरा बना,
फिर ना जाने कौन मुहब्बत की हूक जगा� read more >>