Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

एक सदियों की प्यास-उन नशीली आँखों में

Samar Singh 10 Jun 2023 गीत प्यार-महोब्बत उनकी निगाहों में देखा तो बस देखता रहा गया। 33313 0 Hindi :: हिंदी

उन नशीली आँखों में, 
एक सदियों की प्यास थी। 
ढूँढती थी नजर कि, 
किसी की तलाश थी।। 

सारा ये आलम नशे में बेहोश है, 
हवाएं सर्द फिजा मदहोश है। 
उन आँखों में जब से झाँका है, 
तब से दिल के तार- तार खामोश है। 
क्यों खबर नहीं हमें उस पल, 
छाई एक बहकी- बहकी एहसास थी। 
उन नशीली आँखों में, 
एक सदियों की प्यास थी।। 

वो सधे साकी निकले, 
नशे में हमें छोड़कर बाकि निकले। 
हर पल जाम का कस लेते रहे, 
सपनों में खाब के कितने झाँकी निकले। 
हमें खुद की खबर नहीं , न खुद का पता, 
जब से उनकी नजरे हमारे पास थी। 
उन नशीली आँखों में, 
एक सदियों की प्यास थी। 

रचनाकार- समर सिंह " समीर G "

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

पढता था मैं दिन रात किताबे, तो कभी किताबों में ज़िंदगी का अर्थ ढूँढा करता था पर जीना तो मुझे ज़िंदगी की किताबों ने सिखाया कोई मतलब नही थ� read more >>
चक्रधारी सुनो विष्णु जी ओ तुम मेरे मन को भाए.....2 तुम कृष्ण रूप में आए मां बाप का बढ़ाए तुम राम रूप में आए मां बाप के वचन निभाए चक्रधार� read more >>
ये खुदा बता तूने क्या सितम कर दिया मेरे दिल को तूने किसी के बस मैं कर दिया वो रहा तो नहीं एक पल भी आकर टुकडें- टुकड़ें कर दिये ना विश्वा read more >>
Join Us: