# दोस्त .....
कभी नरम ,
कभी सख्त
जो जनाब होता है .....
सच में वही दोस्त
इस दुनिया में सबसे
लाजवाब होता है .....
चिन्ता नेताम " मन "
डोंगरगां� read more >>
# किताब ....
मैं क्या हूं , कैसा हूं
किसके जैसा हूं ,
जानना चाहोगे जनाब ....?
तब तो ,
पढ़ कर ही मुझे
जान पाओगे आप ....!
मैं तो हूं एक ,
खुली ह� read more >>
# निनाद …..
हे मानव तुमसे
मेरी है
ये विनम्र विनती
है यही मेरी
दिल की निनाद …..!
मानव मस्तिष्क के
एक कोने में
सड़ा सा पड़ा
ये जमा हुआ read more >>
# बारिश का मौसम ...
बारिश का मौसम ,
बदरा बरसे झमाझम ...!!
नील गगन में खो गए ,
सूरज चांद सितारे
दुर्लभ हो गए इनके दर्शन,
बारिश में घुल गए सारे . read more >>
# तेल लगा के ......
बंधु बोलो , तेल लगा के ,
भैया बोलो , तेल लगा के ..
वो तो आए हाथ जोड़कर ,
हाथ खोलकर चले गए ,
उनकी तो हो जब भी इच्छा ,
गिरगिट के र� read more >>
# अव्यक्त ...
हुआ बहुत ही धोखा ,
इसमें ऐसा ही होता ...!
कहीं-कहीं रात चांदनी ,
कहीं अंधेरा होता ...!
प्रेम ग्रंथ के पन्ने खोलूँ ,
लिख लूं अपनी � read more >>