त्यागो व्यर्थ की क्रांति।
बोलो ओम् शांति, ओम् शांति, ओम् शांति।
एक सोम है, एक भानु है, एक व्योम साकार।
एक धरा है, एक वात है, एक ही सृष्टि क read more >>
"अरि ओ"...चल संभाले दामन अपना
दाग तनिक न लगने पाये
कुंठाओं से ग्रस्त मनुष्य
तन को तेरे नोच न खाये
गड़ी है आँखे आज अगर,
तुझपे कुछ य� read more >>