[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
समाजिक
Home
Sub-Categories
समाजिक
यु पी इलेकश
कोई हाथी कोई साइकिल तो कोई कमल खिला रहा है, चुनावी दौर है इंसान को मजहब सिखा रहा है। बांट दिया है इंसानियत को हिंदू मुस्लिम बनाकर, हमें
read more >>
स्वर कोकिला लता दीदी
ऐसी परम् आत्मा आप महान थीं, भारत देश के आप मान थीं। आपके अकस्मात निधन ने, संपूर्ण विश्व को रुला दिया है। भारत ने अपनी अद्भुत, कोहिनूर �
read more >>
खुद के पैरो पर चलोगे तो ठोकर नहीं खाओगे
खुद के पैरो पर चलोगे तो ठोकर नहीं खाओगे, थोड़ा गिर भी जाओ तो संभल जाओगे,आगे संभलकर कदम रखना धोका तो नहीं खाओगे।
read more >>
ज़माने रंग खूब देखें हमने
जमाने के रंग खूब देखे हमने, लोगों क़ो बदलते देखा हमने, कुछ समय बाद ही रंग कच्चा हो जाता है, रंग उतरता देखा हमने।
read more >>
समय
मुझे किताबें पढ़ने का बहुत शौक है बहुत सी किताबे मैंने खरीद रखी हैं जिन्हें मै अपने अलमीरा में सजा कर रखे हैं परंतु इन किताबों को पढ़�
read more >>
ये अटल हिन्दुस्तान रहेगा
कदम से कदम मिला के चलो बक्त अपने आप हार जायेगा समय पिछे रहे ना रहे तु आगे जरूर निकल जायेगा जीत उसी को मिलेगी जिसके पैरो मे रफ्तार ह
read more >>
🌺 मनुष्य एक है🌼
🌺 मनुष्य एक है🌼 ब्राह्मण हो या शुद्र जन्म तुम्हारा एक है अच्छे कर्म कर मिलने वाला तुझे स्वर्ग है चंदन हो या कोई सामान्य वृक्ष की लकड
read more >>
जागो!अब जीवन लो तराश
शीर्षक-जागो !अब जीवन लो तराश | जागो अब जीवन लो तराश | नीली धरती से गगन बीच मंगल जीवन रेखा लो खींच कलमयुग कलयुग का इतिहास | जागो !अब जीव
read more >>
उपेक्षित
क़दर करो उनकी, जिनको उपेक्षित कहते हैं। बनकर के ख़ामोश जनाज़ा, सब कुछ सहते रहते हैं। वे सब की जानें, उनकी जाने न कोई। जो उनकी जान ले, वो �
read more >>
अभीष्ट सिद्धि
अनुराग प्रेम भक्ति लिए शहर शहर भ्रमण करता हूँ करुणा त्याग परित्याग किए जन जन को राग सुनाता हूँ सह सहमति अभीष्ट सिद्धि से जो गरीबी �
read more >>
क्यो थाम रहे हो दहेज का दामन
क्यो थाम रहे हो दहेज का दामन, ना जाने कितनी नारी को दफन करने को,क्यो कर रहे उनका जीना दुश्वार ,क्यो मिटा रहे हो नारी को।
read more >>
किताबी ज्ञान से नहीं चलती जिंदगी
किताबी ज्ञान से नहीं चलती जिंदगी, जीवन जीने की कला आनी चाहिए, सब कुछ नहीं मिलता यहां, फिर भी कोशिश तो करनी चाहिए।
read more >>
« Previous
Next »
Showing
4969
to
4980
of
5583
results
‹
1
2
...
412
413
414
415
416
417
418
...
465
466
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder