//...हरामखोर...//
इस राजनीतिक ,
सत्ता के गलियारे में
कुंडली मारकर बैठे कुछ ,
भ्रष्टाचार के भक्ष...!
पक्ष हो या विपक्ष
यहां एक-दूसरे पर ,
छीं read more >>
मन क्यों चंचल इच्छा अनंत,
खोजे किसको हर क्षण हर पल |
संतोष नहीं ना शांत कहीं,
किसको पाने का रहता विकल ||
यह रंग रंगीली है दुनिया,
होता रहत� read more >>