(दोहा छंद)
राजा हो या रंक हो,करिए कभी न अत्य।
दुख से बचे न राम जी, जीवन का यह सत्य।।
दुख से बचे न राम जी,जीवन का यह फेर।
मिले खुशी हर हाल मे read more >>
(दोहा छंद)
दुख से बचे न राम जी, वक्त बड़ा बलवान।
सुख दुख आते ही रहे, देते रहते ज्ञान।।
दुख से बचे न राम जी, सुख दुख से है प्राण।
हारे कभी न read more >>
कुछ सवाल है, कह सकती हूं कि बस यूँही, लेकिन क्या सच में बस यूही है, नही यू ही कुछ भी नही है। सालो से चला आ रहा, देखा गया, सुना हुआ है सब ।और सा� read more >>
(दोहा छंद)
बेकाबू जब मन रहे,चले न कोई जोर।
देते रब को दोष तब,रखे भावना चोर।।
चले न कोई जोर तब,मन की जब हो बात।
पहले ही हम भाँप कर,कर लेते ख read more >>
(रोला छंद)
चले न कोई जोर, करे मन हरदम अपना।
फिर भी अपनी सोच, पूर्ण करना है सपना।।
रखता सदा विवेक,तभी रहता मन काबू।
चलता अपनी राह, कहे मुझक read more >>