(दोहा छंद)
पर करना है कर्म भी, है यह बात अतीक।
राम भरोसे चल रहा, यह तो है बहु ठीक।।
राम भरोसे चल रहा, लोगों के विश्वास।
धोखे वाले हर कहीं, � read more >>
बेटी की जिंदगी,
एक उलझन हैं,
ना ससुराल हैं उसका,
ना मायका,
दोनों तरफ से पराई हैं,
मन को मार के हैं जीती,
कैसी रीत पुरानी है,
समझते उसे बोझ, read more >>
(दोहा छंद)
करिए नित उठ योग तो,बढ़े आयु तब खास।
प्रभु से भी तब मिलन हो,दिव्य शक्ति हो पास।।
करिए नित उठ योग भी, इसमें है अति जोश।
आभा मय हो read more >>
(दोहा छंद)
सबकुछ अच्छा आपका,कैसा यह संयोग।
जीवन में यह याद रख, करिए नित उठ योग।।
करिए नित उठ योग तो,बढ़े आयु तब खास।
प्रभु से भी तब मिलन � read more >>
(दोहा छंद)
मन में कर लें आज से,करिए नित उठ योग।
मिले लाभ अति आपको, करें सतत तब भोग।।
जीवन में है रोग अति, जानें यह सब लोग।
नियंत्रण में तब read more >>
(दोहा छंद)
आज कसम लें हम सभी, करूं नित्य ही योग।
एक यही अरमान से,रहिए सभी निरोग।।
जगमग जगमग देश का,सदा करे स्व शान।
रहे विश्व को भान यह,ए� read more >>