(दोहा छंद)
एक यही अरमान से, होगा जग में नाम।
चलें वक्त के साथ तो, जीवन हो गुलफाम।।
रहे जिन्दगी में खुशी, एक यही अरमान।
चलते चलिए कर्म से,� read more >>
(दोहा छंद)
दूर्जन से दूरी भली, लगा सके वह दाग।
कर सकता बदनाम भी, नहीं जानता राग।।
दूर्जन से दूरी भली, फँसा सके वह जान।
उलझन देगा आप को, कर read more >>
(दोहा छंद)
नफा और नुकसान दो,पहलू ही है माप।
दिल से कर के काम को, रहें नफा में आप।।
नफा और नुकसान से, पहले डर मत यार।
धंधा को अब कर शुरू,जी� read more >>
(दोहा छंद)
डरना कभी न चाहिए, और रहें बन तीख।
दुख से बचे न राम जी, हम सब लें यह सीख।।
दुख से बचे न राम जी,जीवन का यह फेर।
मिले खुशी हर हाल मे read more >>