Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

Rupesh Singh Lostom

  • Followers:
    7
  • Following:
    7
  • Total Articles:
    275
Share on:

My Articles

तू जब भी आना सिर्फ मेरे लिए आना जो चहु कर सकू जैसे चहु रह सकू कुछ सुनु कुछ सुना सकू तू रूठे तो मना सकू तू आना जरूर पर मेरे लिए तुझे कु read more >>
प्रेम; मुहब्बत; आशिकी; चाहत; अनुराग, इश्क़, हुस्न,जवानी या फिर उफनती क्यारी क्या कहु प्यार की मूर्त अनुराग स्नेह, भक्ति, लगाव या फिर मे read more >>
इस रंग बदलती दुनिया को कई रंग बदलते देखा है कही तस्वीर तो तस्वीरों में ढलते देखा है कभी मंदिर तो कभी मस्जिद तो कभी टुटते तारो के आ read more >>
ए ही प्यार है चलते –चलते जब कदम रोक जाये बैठे-बैठे उदासी तेरे चेहरे पर झलक जाये आँख नम होने लगे सांस थमने लग जाये धड़कन तेज़ हो जाये � read more >>
उम्मीद के बादवां ने जिन्दा रखा है तुम्हे पास होने का जिकर किया है दिल का दर्द लहू बनके बिखरा है तुम्हारी आँखों के नशे में अपने आप को � read more >>
मुझे चाहिये तू और तेरा साथ रात की जागती आँखे और उलझे सवाल बिखरते सपने सिमटते ख्वाब और डुबे भाव और टुटते ऎहसास मुझे चाहिये तू और � read more >>
दिशाओं को बताती जख्म को सहलाती हवाओ में फैलने वाली फिज़ाओं को सजाती प्रकृति से सुशोभित ओश की शबनमी बूँद मेरी सोच में तैरने वाली सं read more >>
काश जालिम ने एक तस्वीर दे दिया होता कविता लिखते – लिखते उस की तस्वीर बना लेता काश कुछ देर ठहर जाते वो मेरे निवास में शायद उनको देख read more >>
रिवाज़ बदलते गए रिस्ते टुटते गए जो अपने हमारे थे वो सब बिछड़ते गए हमने जब भी कोशीश कि उन लम्हों को समेटने की तब तक रिस्ते बदल गए न गवा read more >>
इश्क़ भी क्या अजीब होती है होती है जिस को भी संगीन होती है खुद तो तड़पती है ताह उम्र जिसको तड़पाती है उस को ताहे जमीन करती है इश्क़ वफा क read more >>
Join Us: