आरंभ हो चुका है अंत का
अनंत में जो व्याप्त है,
शंखनाद उल्लास है
जगी ये कैसी प्यास है,
भाव विभोर हो चुकी
हृदय में उठती टीस सी,
बस नयन छलक � read more >>
फुलो–सा चेहरा तेरा, कल युशी मुस्कान है
रंग तेरा देख के रूप तेरा देख के गवरा भी हैरान है
सीस भोले को जटा भी सोए , गंगा बना तेरा काम है
स read more >>