न कर्म का बंधन कोई, न अकर्म की दीवार हो,
मिले जो सतगुरु के चरण, हम मृत्यु के उस पार हों।
ये आना-जाना, जीना-मरना, खेल है इस 'भव' का बस,
पकड़ ल� read more >>
बीते रे दिन-ओ-रैन, गया क्षण-क्षण ये जीवन,
आती-जाती सांस में, छुपा बैठा है राम।
खोया रहा तू उम्र भर, इस माया-नगर में,
देखा न दिल को चीर कर, ज read more >>