1. फना के बाद
मेरा आग़ाज़ ही मुकम्मल तब होगा,
जब मेरे जिस्म से मेरी रूह फ़ना होगी...
ना पूछ मेरी तन्हाई का सिला क्या होगा,
ना सोच कि बाद-ए-� read more >>
ग़रीबी...
लोग कहते हैं कि ये बस एक हालात है, एक वक़्त है जो बदल जाता है।
मगर क्या वाक़ई?
कभी किसी ग़रीब के दिल में झाँक कर देखो,
ये सिर्फ़ प read more >>
मौत के आने पर तकलीफ़ होना लाज़मी हैं, पर इस तकलीफ़ की वजह क्या हैं?
इन नीले शबनमी नैनों में अश्कों की वज़ह क्या है?
माना जिस्म के रूह से आ read more >>
यह नाम के रिश्ते हैं ,
इन्हें नाम ही रहने दो।
दर्द हैं अगर जिंदगी में,
दर्द को दिल में ही रहने दो।
यह नाम के रिश्ते हैं..........!
आंसू गिरते ह� read more >>