छम छम बहता,
झरने का पानी,
टप टप गिरता,
झरने से पानी,
कुछ फूल बड़े सुहाने,
पानी में खिल खिल जाये,
कमल और महड़,
कितने सुंदर कितने प्यारे,
जब read more >>
(दोहा छंद)
जरा जरा सी बात पर, हो जाती है खार।
संयम वाणी पर रखें, फिर होती है प्यार।।
जरा जरा सी बात पर, कर लें हम सब ध्यान।
दे सकते हैं सीख read more >>
हमसे ना पूछो इश्क का मंजर जो ना करते तो भी टूट जाते जो उन राहों से होकर गुजरती जिसमें इश्क की हवा ना होती तो भी शायद वक्त के हाथों हम यूं � read more >>