Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

सावन की फुहार-रिमझिम बरसता सावन आया

Uday singh kushwah 07 Jul 2023 कविताएँ अन्य गूगल याहू बिंग 48482 0 Hindi :: हिंदी

रिमझिम बरसता सावन आया।
घर  आंगन  में  खुशियां  लाया।
बैठा पवन देख सुमधुर मुस्कुराया।
 याद में प्रीतम का चेहरा मुरझया।
बहती सरिता ने यौवन दिखलाया।
पपीहा ने बूंदों से खुद को मिलाया।
तरुवरों ने झूम झूमकर गीत गाया।
निर्झर बहता इठलाता धरा पर आया ।
पर्वतों के क्षितिज पर सौरभ महक आया।
धानी चुनर ओढ़ धरा ने अवगुंठन से चेहरा दिखलाया।
 धरा ने प्रीत का नभ से यह कैसा रिश्ता निभाया।
आम की डालियों पर झूलों ने कजरी गीत सुनाया।
उदय सिंह कुशवाहा
ग्वालियर, मध्यप्रदेश

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: