"क्या यह-
मानव तन असली कुरुक्षेत्र है"........?
"योनि दर योनि का-
सफ़र लाख चौरासी का"..!
"शेष योनि-
कर्म फल का भोग बना"..!
"मानव योनि-
मोक्ष फल का � read more >>
एक समय की बात है, एक छोटे से गांव में एक नारी रहती थी जिसका नाम सिमरन था। सिमरन एक साधारण सी औरत थी, लेकिन उसमें सदियों से चली आ रही संगीत � read more >>
(Verse 1)
नारी वो शक्ति, जो हर वक्त जागृत है,
सृजनशीलता का प्रतीक, आकर्षण से भरी है।
स्वभाव सुन्दर, समर्पित और समर्थ है,
जीवन के हर मोड़ पर, उनक� read more >>