इंसान किसी की मजबूरी नहीं समझता, बस वादा पूरा ना करने वाले को झूठा कहता, खुद क्या कोई इंसान सारे वायदे पूरे करता, अपने को मजबूर समझ कर कभ� read more >>
कुछ करने की जब थी ख्वाहिश, दुनिया ने ना समझा, जब हमें किसी लायक, कुछ बड़ा करने की जब थी ख्वाहिश, सामने खोदी जब इस दुनिया ने हमारे गहरी खाई� read more >>