"हक़ीक़त से रूबरू-
हुआ जीवन को देखा"
"असली राह पर-
चल के जीवन को देखा।।"
"प्रयोजन ये कुदरत का-
ख़ुद में ठौर-ठिकाना देखा"
"जन्म से मृत्यु � read more >>
अन्जान नदी की नावेँंl
ना जाने कहाँ से आये ll
हिलते-डुलते पानी में चलता l
मेरे मन को भाये ll
अन्जान नदीँं .....
जो भी बैठा उस नावँं पर
खुद से प� read more >>