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हमारे साथ कौन है
वक़्त बुरा हो , हालात बुरा हो पर उसी वक़्त पता चलता है हमारे साथ कौन है। धन्यवाद
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समय का चक्र
समय का चक्र बड़ा ही निराला होता है आज जो राजा है कल फकीर होता है। धन्यवाद
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हमारी नजर
दूसरों के चीजों पर हमारी दृष्टि बहुत जल्दी चली जाती और अपने, अच्छे चीजों को भी हम नजरअंदाज कर देते हैं धन्यवाद
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नहीं मिला
वक़्त से पहले और जरूरत से ज्यादा कभी किसी को नहीं मिला। धन्यवाद
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अहमियत
हमारे पास जब कोई चीज होती है, तो उसकी अहमियत हमें पता नहीं चलती जैसे ही वो हमसे दूर जाती है,तो एहसास होती है हमने क्या खो दिया। धन्�
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जिंदगी रेत के समान है
कोमल फोन में अपनी मंगेतर से बातें कर मुस्कुराती है ,दोनों की शादी के दिन नजदीक आ गई थी इसलिए साहिल उसे शॉपिंग ले जाने के लिए फोन किया था�
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पा न सकोगे
जिंदगी में ऐसा कुछ नहीं ,जो पा न सकोगे पर इंसान वहीं हार जाता है ,जब अपनों से ही लड़ना पड़ता है। धन्यवाद
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आगमन
आगमन नये साल के आगमन पर आओ कुछ कर दिखलाएं। वक्त बने तारीख़ हमारा। युग बने पहचान।। मौत बने जिंदगी हमारी। जिंदगी बने मिशाल ।। नये
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ख़ौफ़
ख़ौफ़ (कविता) सर्द मौसम था चाँदनी रात थी दूर गगन में तारे चमक रहे थे! कड़ाके की ठंड से जैसे ठिठूर रहे थे, चांद बादलों में बार -बार छिपा �
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तू बस इरादों में बुलंदी रख....
तू बस इरादों में बुलंदी रख.... उड़ने के लिए तो पूरा आसमां पड़ा है।। - अंशिका अग्रवाल
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क्यों राहों में भटकता है
है राही तू मंजिल का तो क्यों राहों में भटकता है है यकीन खुद में तुझे तो क्यों दुनिया की सुनता है लोगों के कहे में न जाने क्यों पड़ता �
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मंजिल को पाने आया हूँ मंजिल को पाकर जाऊंगा
मंजिल को पाने आया हूँ मंजिल को पाकर जाऊंगा नेक इरादे ओर सच्ची मेहनत से कुछ करके दिखलाऊंगा मंजिल को पाने आया हूँ मंजिल को पाकर जाऊंगा �
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