उड़ने दो मुझे खुले आसमान में, फिर लौटकर ये समय नही आएगा।अब मां बाप के साए में उछलती हुं, पर ये लम्हा जीवन में कभी नहीं आएगा। मेरी वो हसीं, read more >>
लेकर पंख सपनों के, आ पहुंची में मेहनत के देश। पर यहां लगता है पराया सा व्यक्ति हरएक। फिर एक झलक पीछे देखा, तो चुनौती से भरी राह को देखकर, � read more >>
भुला दो उसे जो तुम्हे आगे बढने से रोक रही हैं .. "
भुला दो उसे भी जो तुम्हे परेशान कर रही हैं ..."
भुला दो उस हर वस्तु को जो तुम्हे बर्बा� read more >>
हां माना औरत हूं मै समाज की बेड़ियों से बंधी नायाब शौहरत हुं,मैं तो चलो एक मुलाकात ख़ुद के साथ हो जाए, एक कोशिश ज़माने के साथ हो जाए पर उल read more >>