मनीष राठौड 30 Mar 2023 कविताएँ अन्य मधुमास का मौसम 40360 0 Hindi :: हिंदी
था मधुमास का मौसम
पढ़ा था उल्टा अम्बर
न जाने थी थाल भरी मोतियों से
आंगन में फैले दूध के झाग
आकाश था या आंगन
विभावरी थी चांदनी
उजास था दीपक का
टिमटिमाते दूध के झाग
आया है नवजीवन बालक
मुस्कुराहट भरी जिंदगी
था मधुमास का मौसम
फुटे है सौरभ में बोर
हंसते खेलते कुसुम
था मधुमास का मौसम
मनीष राठौड (मानाराम)