दियो न पेई यू भाई!
जीव जगत यु न टुलाई!!
जगत एक भाई, मानव एक भाई !!
तौउ आपस मे यु क्यु गुराई!!
Writer:-ASHOK PRIHAR
शब्दार्थ:-
दियो :- योगदान,
जगत: read more >>
प्रेम सु जिंदगी, प्रेम मे राम !
प्रेम ही जिंदगी के सब सुखों का नाम!!
मिले सतगुरु इतना !
प्रेम में रहे उतना!!
ऐसा भाग मेरा, सतगुरु मिले राम!
� read more >>