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जिंदगी रेत के समान है

Ranjana sharma 30 Mar 2023 कहानियाँ अन्य Google 115612 0 Hindi :: हिंदी

कोमल फोन में अपनी मंगेतर से बातें कर मुस्कुराती है ,दोनों की शादी के दिन नजदीक आ गई थी इसलिए साहिल उसे शॉपिंग ले जाने के लिए फोन किया था।देखते - देखते दोनों की शादी के दिन आ जाते ,दोनों की शादी हो जाती ।दोनों खुशी - खुशी अपनी शादीशुदा लाइफ जी रहे थें ।दिन बीतते देर नहीं लगती ,हंसते - रोते जिंदगी का सफर कब तय कर लिए पता ही नहीं चला ,अब बच्चे अपनी जिंदगी जीने लगे थें ।साहिल कोमल से हॉस्पिटल के कैंटीन में चाय पीते - पीते बोल रहा था ।कोमल अपने पति साहिल के साथ रूटीन चेक अप कराने हॉस्पिटल आई थी ।एक्चुअली कोमल के कैंसर का लस्ट स्टेज चल रही थी और डॉक्टर ने साहिल से कहा कि " कोमल को अब जितना हो सके तनाव से दूर और खुश रख गिएगा ।"साहिल कोमल का बहुत केयर करता था ,साहिल को अब कोमल से दूर जाने की कमी खल रही थी इसलिए बैठे - बैठे पुराने दिनों में खो गया था। सच है , "जिंदगी रेत के समान होती है कब हाथ से पिछल जाती पता ही नहीं चलती ।" 
        धन्यवाद

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