वो याद है ना जब बचपन में हम नाराज होते थे मां से,
तब उस नाराजगी और मां के मानने का एक अलग ही बात होती थी,
रूठते हम थे तो चप्पल मां की निकल � read more >>
लहरों की स्वर सुनो, धीरे से आओ,
खुशबू सी लेकर, सपनों को सजाओ।
समुंदर के तट पर ये ध्वनि बहती है,
अजनबी सी है और बेहद खूबसूरती है।
चलो, लहर� read more >>