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एक गांव में एक फेरीवाला आया ।वह कपड़े बेच रहा था। गर्मी के दिन थे।कड़क धूप थी वह एक पेड़ के नीचे बैठ गया ।वह पसीने में काफी लथपथ। उसको छ� read more >>
कक्षा जीवन की एक है,ध्यान ध्यान की बात। करें पढाई जो ध्यान से,करें सफलता प्राप्त। शिक्षक सबका एक है, पढ़ाता है एक ही पाठ। कोई पता सर्व� read more >>
जब मै पढ़ती थी one class मेँँ अ,आ नहीं समझती थी l next year my two class मैँं अ,आ,इ पढ़ती थी जब मै आयी three class मेँं a,b,c नहीं आता था next year my four class मुझे a,b,c d आता था उसके ब� read more >>
जब मै पढ़ती थी one class मेँँ अ,आ नहीं समझती थी l next year my two class मैँं अ,आ,इ पढ़ती थी जब मै आयी three class मेँं a,b,c नहीं आता था next year my four class मुझे a,b,c d आता था उसके ब� read more >>
जब मै पढ़ती थी one class मेँँ अ,आ नहीं समझती थी l next year my two class मैँं अ,आ,इ पढ़ती थी जब मै आयी three class मेँं a,b,c नहीं आता था next year my four class मुझे a,b,c d आता था उसके ब� read more >>
बैठे -बैठे सोची मै काश आज रविवार होता l छुट्टियोँं के रंगँमहल मेँं खुशियोँं का त्योहार होता ll मन से पुलकित हो जाते तन से भाव-विभोर ll झ� read more >>
संध्या की लाली में जो समुंद्र का रंग हैं उसका चमक हैं बचपन..! हवा में लहरा ते हुए मदहोश फिजाओं के फूलों का मेहक है बचपन..!! ख्वाहि� read more >>
मुन्ना छोटा बच्चा होता है ।वह दूसरी क्लास में होता हैं।उसके घर में उसके मम्मी पापा और उसकी एक छोटी बहन होती हैं। मुन्ना का परिवार गरीब read more >>
मिलते हम सब जब शनि शाम को तजवीज यूं कल की करते थे, क्या कैसे और कहां खेलना फिर नियम भी तय कर जाते थे। होती जब सुबह रविवार की तन मन सजग हो read more >>
*दर्पण जल और र्स्फाटक में प्रकाशित सूर्य का प्रतिबिम्ब सभी ने देखा है। इस सत्य से भी कोई अनभिज्ञ नहीं है कि सूर्य के प्रतिबिम्ब का अस्� read more >>
सांझ ढले ,तो घर आना तुम, कई उम्मीदों को, फ़िर लाना तुम। छुट रहे ,उन रिस्तो की डोर को, फ़िर मजबूती से, बंध जाना तुम। साँझ ढले तो ,घर आना त� read more >>
मैं हूँ घड़ी आलापन घड़ी ट्रिन- ट्रिन - ट्रिन - ट्रिन.... बजती हूँ। प्रातःकाले सभी जनो को मैं ही उठाया करती हूं। उठ जाओ - उठ जाओ भानू! अपनी � read more >>
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