ASHWANI PANDEY ( ADVOCATE ) 30 Mar 2023 ग़ज़ल अन्य टाल रक्खे है 52977 0 Hindi :: हिंदी
हमने जो भी सवाल रख्खे है। उसने सब कल पे टाल रख्खे हैं। पहले तरजीह दी है खुशियों को, उसके पीछे मलाल रख्खे हैं। सामने बैठ कर करो सौदा, दरमियाँ क्यों दलाल रख्खे हैं। आप शमशीर लाये नफ़रत की हम मुहब्बत की ढाल रख्खे हैं। फैसले आसमाँ से माँगे हैं, हमने सिक्के उछाल रख्खे हैं। फाड़ कर चल दिए वो खत मेरे, मैने टुकड़े सम्भाल रख्खे हैं। वक़्त आने पे जाल फेंकेगा मुफ्त दाने जो डाल रख्खे हैं। कौन पहचान गीदड़ों की करे, सारे शेरों की ख़ाल रख्खे हैं। कोई पूछे कि मेरे हिस्से मे, उम्र ने कितने साल रख्खे हैं। फ़िक्र अपनी भला करें हम क्यों, वो हमारा ख़्याल रख्खे हैं। चाल मे दिख रही अकड़ जब से, जेब मे आप माल रख्खे हैं।
1.MA (GEOGRAPHY) 2.UGC/NTA/NET (QUALIFIED) 3.UPSC/UPPCS (PREPRATION) 4.UPSC( INTERVIEW)2 TIMES ...