Radheshyam Joshi 02 Jan 2026 कविताएँ देश-प्रेम 9355 1 5 Other :: Other
धोरां आळो देश आपणो" मोटो खाणो मोटो लाणो, मोटो है प्रदेश आपणो। भाईचारो भैळपणै रो, देखण जोगो मेळ आपणो। मारवाड़ री मारदड़ी रो, मगरतोड़ है खेल आपणो। सीयाळै में डांफर झैलां, गरमी मांई तपै तावड़ो। टाबरियां गी नाक बैवती, सरदी रो सिणगार आपणो। रोट बाजरी साग सांगरी, ओई तो है ठाठ आपणो। मिठास घुळ्योड़ी बोली में, मिळणसार मनमेळ आपणो। धोरां आळो देश आपणो....। ~ राधेश्याम जोशी कोहिणा
5 months ago