पिन्दु कुमार 12 Oct 2023 कविताएँ अन्य 56572 0 Hindi :: हिंदी
तू दिखती है इतनी भोली -भाली लगती है किसी की राजकुमारी या हो राज दुलारी ... रोज सवेरे आ जाती मेरे घर को, मेरी प्यारी लाडली से मिलने जाने क्या -क्या उसे सिखलाती । मैं कहता हूं, तू उसे सिखलाना सबसे करना बातें मीठी - मीठी सदा सच्ची बातें करना । झूठी बातें कभी न किसी से कहना मैं न पूछूंगा कहां से तू आती ? कहां घर है , क्योंकि तू लगती - है इतनी भोली - भाली चलो मैं सोचता हूं - कोई तो आते रहती है । मिलने मेरी प्यारी लाडली से, इसीलिए मैंने तुम्हें मान लिया - उसके लिए, तुम ही हो सकती । एक अच्छी एवं सच्ची साथी मैं खोजने वाला ही था उसके लिए, एक अच्छी एवं सच्ची साथी मैं न छोड़ सकता उसे अकेले क्योंकि मेरे को दफ्तर जाना पड़ता कार्य ज्यादा हो जाता करने को छुट्टी न ही मिल पाती मां उसकी ,उसके साथ न रहती इसीलिए मेरे को जरूरतें था । मेरी प्यारी लाडली के लिए, एक अच्छी एवं सच्ची साथी