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नवरात्रि-नौ रुप धारण करके माँ पाप मुक्त किए धरा को

पिन्दु कुमार 06 Oct 2023 कविताएँ धार्मिक देवी स्वरूपा माँ दुर्गा 29172 0 Hindi :: हिंदी

देवी स्वरूपा माँ दूर्गा
रूप हैं तेरे पार्वती , गौरी की
आती है तू जब धरा पे  माँ
भीड़ लगने लगती है
तेरे द्वारों पे भारी
पूजा करने आने -जाने
 लगते माँ भक्त तेरे द्वार पे
आशीष देती मनोकामना
पूर्ण करती जो भक्त
आता है तेरे द्वार पे 
दुःखयारी ,भिखारिन  को
भी माँ चाहे हो अपंग कोई
उनका भी  मनोकामनाएं 
कर देती हो पूर्ण
धनी - निर्धन का भेद न करती
मानती सबको एक सम्मान
माँ चण्डी का रूप बनाकर
बध किए पापी ,अत्याचारी
असुर महिषासुर का
जो अहंकार मचा रहा था
धरा पे
कष्ट पहुॅचा रहा था
माँ धरती के संतान को
नौ रुप धारण करके माँ
पाप मुक्त किए धरा को
देवी स्वरूपा माँ दुर्गा
रूप हैं तेरे माँ पर्वती ,गौरी की
वाहन हैं तेरे माँ शेर


नवरात्रि की हार्दिक बधाई
नाम - पिन्टु कुमार

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