पिन्दु कुमार 09 Oct 2023 कविताएँ दुःखद दुःख भरी आंसु 52556 0 Hindi :: हिंदी
तेरे आंसूओं को बहता देख
मुझे बड़ा दुःख होता है ।
किस चीज की तुम्हे जरूरत है ।
मुझे जान कर और भी
दुःख होता है ।
मैं चाहता हूं वो वस्तु तुम्हें
कही से लाके दे दूं
जिस चीजों की तुम्हें जरूरत है।
लेकिन मैं असर्मथता हूं
जिस चीज की तुम्हें जरूरत है ।
वो में नहीं लाकर दे सकता
हिम्मत न हारना
हौसले बनाए रखना
जिस चीज की तुम्हें जरूरत है ।
वो मिलेगा तुम्हें जरूर एक दिन
- पिन्टु कुमार