Ratan kirtaniya 30 Mar 2023 गीत प्यार-महोब्बत सुन्दर मुखड़ा में तिल का मर्मिक चित्रण है 115141 0 Hindi :: हिंदी
तेरा मुखड़ा , चाँद का टुकड़ा
गालों में काला तिल है
क्या कहूँ गोरे गालों में काला तिल
अदायें तेरी बड़ी कातिल
कात्ल कर दे हम को
होश खो बैठे देख के तुम को
तेरा मुखड़ा , चाँद का टुकड़ा
गालों में काला तिल है
मेरा दिल उसी में जा अटका
नया आशिक हूँ आप का
कदम - कदम पे चिकनी पतली -
कमर से ना मारों झटका
तेरी इसी अदायें पे -
दिल तेरी चाहत में अटका
तेरा मुखड़ा , चाँद का टुकड़ा
गालों में काला तिल है
चढ़ती जवानी मुश्किल है
इतनी सी है आरजू
मैं बनूँ जोगी
पर तेरी कातिल अदायें
बना देगी मुझे प्रेम रोगी
वैध - हाकिम से ना आएगा काम
जिस को भी इस रोग लगा
दिलदार की दीदार से
हर दर्द दूर भागा
तेरा मुखड़ा , चाँद का टुकड़ा
गालों में काला तिल है
होठों में मीठी तबस्सुम का खुमार है
दिल में जगा इश्क का बीमार है
इसी होठों की जाम , आरजू है
नाम कर दे आज की शाम
हाथों में थाम के बैठा हूँ दिल
तेरी तिल में जा अटका दिल
तेरा मुखड़ा , चाँद का टुकड़ा
गालों में काला तिल है
आशिक की मंजिल है
तेरी रंग नूर में गुम मेरा दिल है
क्या कहूँ खो बैठा सुध
बना गालों की काला तिल को
अपना मंजिल - ए - मकसूद
तेरा मुखड़ा , चाँद का टुकड़ा
गालों मेंं काला तिल है
उसी में जा अटका मेरा दिल है
रतन किर्तनीया
. मो* 9343698231