संदीप कुमार सिंह 09 Jun 2023 गीत समाजिक मेरा यह गीत समाज हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी लाभान्वित होंगें। 28890 0 Hindi :: हिंदी
राधा का आधार है,कान्हा का हो साथ। मुरली की धुन भी रहे, हाथों में ले हाथ।। राधा का आधार है, गोकुल में हो प्रीत। झिलमिल खुशियाँ हो सदा,सदा चले यह रीत।। राधा का आधार है, वृंदावन की रास। लगे मनोहर खूब है,और जगाए आस।। राधा का आधार है, पुलकित माधव शक्ल। रोमांचित राधा रहे,खूब चले तब अक्ल।। राधा का आधार है,जान प्राण गोपाल। रग रग में प्रभु प्रेम है,रहती है खुशहाल।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍️ जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....