Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

पिके रंग में नहाये

Pratibha Khadekar 24 Mar 2024 गीत धार्मिक Writer Pratibha khadekar 30599 0 Hindi :: हिंदी

,,,,,,, पिके रंग में नहाये
भंग भंग भंग आज .....
रह गये सारे,,तेरे भक्त दंग आज
रंग, रंग ये गुलाल आज
चढा महादेव पर..चढा महादेव पर
धुम धुम धुम धुम धुम 
धिन नननन धिन नननन धिन नननन

चरनो में फुल,उडाये गुलाल
मटकी में भंग, पिलाया बहार
जहा भी कदम,पैरो तले सामील हम
चढी हैं चढी हैं चढी हैं चढी
महादेव के प्रसाद की लढी ये लगी
,,,, पिके रंग में नहाये
भंग भंग भंग आज
रह गये सारे,, तेरे भक्त दंग आज
रंग, रंग ये गुलाल आज
चढा महादेव पर.. चढा महादेव पर

कान्हा की बासुरी पर गोपिया बावरी
महादेव की धुन पर में सावरी
धिन नननन धिन नननन धिन नननन
सा सा सा..नि रे सा ,सा सा सा नि रे सा
खिले खिले खिले सप्तरंग मे खिले 
रंग महादेव का संसार से भिन्न
हो हो हो होली में दहन जो 
मेरे महादेव से मिले
भक्त की ख्वाईश है,
रंग की बारिश है
होलिका दहन हो
आप सभी को बधाई हो...

               ,,,,,,,,,,,,,,,,, प्रतिभा खडेकार
                               7517947668

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

पढता था मैं दिन रात किताबे, तो कभी किताबों में ज़िंदगी का अर्थ ढूँढा करता था पर जीना तो मुझे ज़िंदगी की किताबों ने सिखाया कोई मतलब नही थ� read more >>
चक्रधारी सुनो विष्णु जी ओ तुम मेरे मन को भाए.....2 तुम कृष्ण रूप में आए मां बाप का बढ़ाए तुम राम रूप में आए मां बाप के वचन निभाए चक्रधार� read more >>
ये खुदा बता तूने क्या सितम कर दिया मेरे दिल को तूने किसी के बस मैं कर दिया वो रहा तो नहीं एक पल भी आकर टुकडें- टुकड़ें कर दिये ना विश्वा read more >>
Join Us: