अशोक दीप 30 Mar 2023 गीत प्यार-महोब्बत Love poetry, love song, love sayari, prem geet, poetry for girl friend, premika ke liy sayari, man, ahsas man k, man k bhav 97561 0 Hindi :: हिंदी
ओ दीप ! तुझे मन टेर रहा है ।
प्यासे मृग-सी अँखियाँ लेकर
पवन-पथिक को चिट्ठियाँ देकर
पथ भटके बंजारे के ज्यों
पल-पल रस्ता हेर रहा है ।
ओ दीप ! तुझे मन टेर रहा है ।
देख प्राण को निपट अकेला
लगा झूमने दुख का मेला
बरसूँगा नित पलक-धरा पर
आँसू माला फेर रहा है ।
ओ दीप ! तुझे मन टेर रहा है ।
तुझ बिन प्रियतम घोर अँधेरा
कारागृह-सा जीवन मेरा
थका हुआ यह साँस का पंछी
कर पर दीप उकेर रहा है ।
ओ दीप ! तुझे मन टेर रहा है ।
०००
अशोक दीप
जयपुर
8278697171