Samar Singh 26 Jun 2023 गीत दुःखद आप तो ऐसे भूले कि भूल कर भी जिक्र भी करना मुनासिब न समझा। 25830 0 Hindi :: हिंदी
कभी तो मेरा जिक्र करो, छेड़ो किसी से कभी मेरी बात। एक वादा ही कर लो , कब कर रहे हो एक मुलाकात।। जब कहे होंगे मेरे दोस्त, मेरे दिल की हालत। कसम से आँखें भर आई होंगी, सूझी नहीं होगी कोई शरारत, । तूने चैन भी छीना मेरा, छीनी तूने मेरी रात भर की नींद। जीता जा रहा हूँ मैं ऐसे ही, मिलन की लेकर एक उम्मीद।। जीवन निराश है, फिर भी तुमसे ही आस है। कब आ रहे हो मेरे साथ, । कभी तो मेरा जिक्र.....................।। तुम्हें गजल बना के पढ़ रहा हूँ, खाबों में तुझसे हरपल लड़ रहा हूँ। रातें है कैसी, चाँद सितारों से भरी, चाँद की तरह अकेला घूमता हूँ बाँवरी। पुकारता हूँ तुमको देता हूँ तुमको आवाज़, जैसे कभी दिल में बसी थी वैसे ही हो आज।। उड़ रहे है धूल इस बंजर से जीवन में, आके कर दो एक बरसात। कभी तो जिक्र करो..............।। रचनाकार-- समर सिंह " समीर G "