संदीप कुमार सिंह 11 Jun 2023 गीत प्यार-महोब्बत मेरा यह गीत समाज हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी लाभान्वित होंगें। 27641 0 Hindi :: हिंदी
ये गठबंधन प्रेम का, होता है बेजोड़। जहां सदा ही पुष्प हो,और रहे मधु होड़।। ये गठबंधन प्रेम का,होता है चितचोर। हैरत में रहते सभी,जैसे लगते मोर।। ये गठबंधन प्रेम का,देते हैं नव जोश। जीवन में नित चाँदनी,रखते हरदम होश।। ये गठबंधन प्रेम का,जीवन का है साज। भवरों की सरगम जहां,गुलशन मय हो आज।। ये गठबंधन प्रेम का,धरा लगे तब स्वर्ग। खुशियों की बरसात हो,प्राण बने मृदु सर्ग।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍️ जिला:_ समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....