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दिखने लगी है राहें अनजानी

Samar Singh 15 May 2023 गीत दुःखद वो जो वादा किये थे साथ चलने के लिए, पल भर में साथ छोड़ दिये। अब पूरी जिन्दगी कैसे जिया जाए। 23670 0 Hindi :: हिंदी

बेचैन साँसे, सूनी राहें, 
काश कोई अपना होता, दिल भरता है आहें। 

छूटे साथी, 
टूटे हैं नाते। 
एक बार देख ले, 
तू जाते- जाते। 
सूना जहाँ, सूनी है बाँहें। 
काश कोई अपना होता.........................। 

हम तो बिखर गए इस तूफान में, 
तेरा ही चेहरा दिखता हर इंसान में। 
बेगानी हो गयी मेरी कहानी, 
आँखों से बहता है पानी। 
बीतेगी कैसे ये पूरी जिंदगानी, 
दिखने लगी है राहें अनजानी। 
कैसे फेर लिए वो निगाहें, 
काश कोई अपना...............................। 

रचनाकार - समर सिंह "समीर G"

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