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दर्पण न हो

Pratibha Khadekar 11 Apr 2024 गीत दुःखद Writer pratibha Khadekar 25811 0 Hindi :: हिंदी

आज पल पल हर पग
आशा ओका उजाला हो..
हर भ्रमण अंधेरो का न चिन्ह हो,
किसी भी पग पृष्ठ न लगा हो
 सोच में न हो निष्ठा,
मन में न कोई दंद न संख्या हो,,
विरोध में किसी के न हो महत्व
आज पल पल हर पग
आशा ओका उजाला हो...
भाग्य की कसोटी हर समय न हो समक्ष
सत्य को स्विकार करने के अलावा
जिवन में कोई और न हो विकल्प
जिस आंधी से पुस्ती हो,,
वे न हो अमर्यादीत...
प्रेम की मर्यादा का भुकतान न हो अपूर्ण
आज पल पल हर पग
आशा ओका उजाला हो..
विकल्प प्रयास क्यो जब
इच्छा नुसार न हो जिवन
विधी का विधान पहले से ही लिखा हैं,,
फिर क्यो न हो अहंकार
मूर्ख ता का प्रमाण स्वयं हो,,
वे दर्पण न हो
आज पल पल हर पग
आशा ओका उजाला हो....

                      प्रतिभा खडेकार
                       7517947668

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