Raj Ashok 30 Mar 2023 गीत दुःखद 32444 0 Hindi :: हिंदी
वेवफा थे,होठ मगर बातों मे सच को छुपा के, यो , मुहोबत की ,फिर से कहानीयाँ सुनाने लगे । दर्द की ,फिर वही एक शाम हु़़़़़़़़़़़़़़़़़़ मुहोबत नहीं ऐ तो बेवफा,एक तेरी आदत है। हर वक्त ,यों हमें आजमाना । फिदरत मे तेरी शामिल है। मुहोबत नहीं ऐ तो बेवफा ,एक तेरी आदत है।