Poonam Mishra 30 Mar 2023 गीत प्यार-महोब्बत आपसे दूर होकर जीने की कुछ खट्टी मीठी यादें 123527 0 Hindi :: हिंदी
आपसे दूर इस दुनिया में मैं भी अकेले रह सकती हूं सबसे अलग अकेले रहकर जीवन जीने वालों की भीड़ बहुत है कुछ नए पुराने सपने बुनकर जीने की आशाएं बहुत है आपको मुबारक जिंदगी की जीत मुझे मेरे हिस्से की हार बहुत है जिनको पर्वत झुका न पाया जिनके आगे सूरज चांद है फिके कुछ रूठ गए आंखों से सपने हम उन सपनों को पूरा ना कर पाए पर इस दुनिया के आभार बहुत हैं दुनिया के आभारी हम हैं अब आपका भी आभार बहुत है आपको मुबारक आपके हिस्से की जीत मेरे हिस्से की हार बहुत है आपसे दूर होकर कुछ इतना तो हम कर पाए आप जैसे लोगों की चेहरों के अर्थ समझ पाए मन की पीड़ा को हम गीतों में कुछ कहकर लिखने आए शायद हम दोनों हैं वही जो प्रेम के ढाई अक्षर गीत को गाते आए आपसे दूर आपका प्रियतम आजकल कुछ उदास बहुत है आपको मुबारक जीत आपकी मुझे तो अपनी हार बहुत है स्वरचित लेखिका पूनम मिश्रा