Jyoti yadav 25 Oct 2024 ग़ज़ल अन्य लौट आएगा अग्रज मेरा 23991 0 Hindi :: हिंदी
लौट आएगा अग्रज मेरा देखो धड़कन कहती है उसकी दुआ बनके सांसे मेरे सिने मे धड़कती है,।।।।। दूर शहर गया है सहोदर,मेरा हाथ मे उसके राखी मेरी सजती है, जानता है वो उसके शहर मे अनुजा उसकी रहती है,। ।।। यु ना देर करेगा वो फिकर उसको मेरी लगी रहती है, छोड गया है किसी परी को रुक कर राह मे ,परी राहे उसकी तकती है,।।। बुला लिया है किसी ने उसे धोखे से, वो यू ना जाता ,पथ मे हमको छोड के इन्सानियत का वो मान रखा, चूका ना वो मौके से मिलने को अनूजा से रूह उसकी तड़पती है लौट आएगा अग्रज मेरा देखो धड़कन कहती है उसकी दुआ बनके सासे मेरे सिने मे धडकती है।।।।।। विनय यादव ज्योति यादव के कलम से कोटिसा बिक्रमपुर सैदपुर गाजीपुर उत्तरप्रदेश