Jyoti yadav 11 Nov 2024 ग़ज़ल अन्य आसमां से या जमीं सें 24552 0 Hindi :: हिंदी
तू आजा कहीं सें आसमां से, या जमीं सें लग के गले, करुगीं शिकायत,तेरी तुम्हीं सें ।।।।।। कुछ बातें हैं,तुमसे कहनी, सुन ले ना ,तू आके जरा । मुस्कुराते हैं होंठ,रोता दिल तडप के, दे दे सुकुन तू ,चेहरा दिखा के तेरा ।।।। कितना है गम भाई पुछ ले तू, तेरी आंख के नमीं से कब आओगे तुम , पुछती है जननीं तेरी हमीं से ।।। क्या बताऊँ उन्हें, तु ही बता दे ना,। तरसती राखी मेरी, बंधने को कलाई तेरे, मेरा पता ले चाहे ,राह अपने शहर का दिखा दे ना,।।।।।।।। कभी मिल के तो देख तू ,तेरी कमी से तू आजा कही सें आसमां सें, या जमीं से लग के गले,करुगीं शिकायत तेरी तुम्हीं सें,।।।।।।।। विनय यादव ज्योति यादव के कलम 💯से कोटिसा विक्रमपुर सैदपुर गाजीपुर उत्तरप्रदेश