Jyoti yadav 31 Oct 2024 ग़ज़ल अन्य तकती है आंखे मेरी रस्ता तेरा 36005 0 Hindi :: हिंदी
बेसुध हुई मैं बस इक ही धून रहती है तुम आओगे, तुम जरुर आओगे। लोग कहते है हमे भुल गए हो तुम पर हमे मालूम है याद है हम तुम्हे तुम से ज्यादा थाल मेरे राखी की तुम फिर सजा ओगे, ।।।।।। तकती है आंखें मेरी रास्ता 🌟तेरा चेहरा अपना ना जाने कब दिखा ओगे, पर हमे मालूम है, थाल मेरे राखी की तुम फिर सजा ओगे👌।।।। साथ गए है हम भी तेरे, तेरी यादों में, यूं कैसे हमें भूल पा ओगे हंसते हुए देखना हमे ख्वाहिश है तेरी यूं कैसे हमें रूला ओगे बस अब आ भी जाओ कितना इन्तजार करवाओगे, हमे मालूम है थाल मेरे राखी का तुम फिर सजा ओगे,।।।।।। विनय यादव ज्योति यादव के कलम से कोटिसा विक्रमपुर सैदपुर गाजीपुरउत्तरप्रदेश