Jyoti yadav 20 Nov 2024 ग़ज़ल अन्य हर नजारे कहते है तुम आओगें 55123 0 Hindi :: हिंदी
जागने से लेकर सोने तक, हर इशारे कहते हैं तुम आओगें,।। नजर से दिखे, हर नजारें कहतें हैं तुम आओगें।।।।। सुबह की ओस,दोपहर की धुप साम की चांदनी इतना ही नही रात के सितारे कहते हैं तुम आओगें,। दिनकर की मुस्कान,निशा की पहचान चिडियों की कलरव गान,छोड़ो इनको, तेरे मुशायरे कहते हैं, तुम आओगें,।।।।। भूत भविष्य वर्तमान,भुले बिसरे गुजरे लम्हे सारे कहते हैं तुम आओगें। जरा ध्यान से सुनो , धड़कन तुम्हारे कहते हैं तुम आओगें,।।।।। आंखो की चमक,होठो की हसीं दिल की तड़प,तेरी कमी एतबार हमारे कहते हैं तुम आओगें,।। नदी झरने सागर,फुल धुल शीत बरसा गृष्म , ऋतु ए सारे कहते हैं तुम आओगें,।।।। आकाश पाताल जमीं पर्वत पहाड़ नमीं,शरद पतझड बसंत ए,बहारे कहते हैं तुम आओगें,। कली वादी हवां, बुडा बच्चा जवां, सारे कहते हैं तुम आओगें,।।।।। मन करम वचन, कविता कहानी गजल पल पल सोचे ,मेरे सोच का हर पल जख्म दर्द खुशी दिदार ए कहते हैं तुम आओगे, राखी की रसम ,तेरी कसम तेरा वादा मेर इन्तजार,वास्ता दिया जिसका वो पवित्र त्यौहार कहते हैं तुम आओगें,।।। विनय यादव ज्योति यादव के कलम से कोटिसा विक्रमपुर सैदपुर गाजीपुर उत्तरप्रदेश