Jyoti yadav 08 Jan 2025 ग़ज़ल अन्य तेरे राखी की पुकार हैं 18105 0 Hindi :: हिंदी
मेरे सांसो मे तेरी सांसे चलती, मेरे चेहरे पर तेरी आंखे हैं। तुम भूल भी जाओ तो क्या, तेरे भूल मे भी मेरी यांदे हैं।।।।। मेरी राखी ,तेरी कलाई, बिछङ के भी ना बिछङेगीं भाईं। चुम के मस्तक मेरा तुमने हैं वादा किया, आज तेरा बर्थ डे हैं, तु लौट के आजा मेरी अंखियां तेरी रस्ता देखेगी भाई,।।।।।। केक का फ्लेवर बता, उपहार मे क्या लाऊं,। तु तो रुठा नहीं हमसे, रुठ गया तेरा खुदा बोल उन्हे कैसे मनाऊं,।।।।। एतबार है हमको, तुम आओगे जरुर तुमने हमसे कहां हैं ढुढ रहा किसको तु तेरी राखी यहां हैं,।।।।। मील जा ना तु इस बार भी हर बार की तरह,। बना दे खास इस मौके को अपने बर्थ डे के त्यौहार की तरह,।।।। हम तो खङे हैं कब से, बस इन्तजार हैं आ जा मेरे भईया, तेरे राखी की पुकार हैं🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 विनय यादव ज्योति यादव के कलम से कोटिसा विक्रमपुर सैदपुर गाजीपुर उत्तरप्रदेश