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टहल रही हू मै सडको पर और मेरे हाथो मे हाथ तुमहारा था

Jyoti yadav 28 Oct 2024 ग़ज़ल अन्य सपने मे देखी मै क्या खुब नजारा था 55970 0 Hindi :: हिंदी

सपने मे देखी मै,
क्या खुब नजारा था,
टहल रही हूं मै सङको पर
और मेरे हाथो मे हाथ तुम्हारा था,।।।।।

सुबह की सुन्दर बेला थी
चिडियो का कलरव गान,
यूं मुस्कुराते हुए
कर रहे थे तुम मेरा बखान,।।।।।।

बातो बातो मे तुम्हे याद आया
आज राखी है,
किस रंग का बाधोगी बहना
चल खरीदना अभी बाकी है,।।।।।

रंग तुम्ही बताओ भाई,
संग मेरे आओ भाई,
चुन के मै  लाई राखी
उस पे चमकता सितारा था,

यू नीद मेरी टुट गई,
फिर से इन्तजार मे जुट गई
आओगे तुम जरुर, है एतबार मुझे
हमे तुमने ही पुकारा था।

सपने मे देखी मै
क्या खुब नजारा था
टहल रही हुं मै सङको पर
और मेरे हाथो मे हाथ तुम्हारा था,।।।।।

विनय यादव
ज्योति यादव के कलम से 
 कोटिसा बिक्रमपुर सैदपुर गाजीपुर उत्तरप्रदेश

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