कुमार किशन कीर्ति 12 Apr 2025 ग़ज़ल प्यार-महोब्बत गज़ल, बेइंतहा, शिनाख्त 21706 0 Hindi :: हिंदी
सोचा बहुत तुमसे दिल ना लगाऊं,
कमबख्त दिल को समझाएं कौन!
तुम्हारी सूरत को दुनियां की नज़र ना लगे,
बेशक! दुनियां को अब समझाएं कौन!
तुम्हारी निगाहों ने मुझे आशिक़ बनाया
अब इस आशिक़ शायर को समझाएं कौन!
ये हवा के झोंके तुम्हारी बदन को छूना चाहें,
अब इसे भी भला समझाएं कौन!
: कुमार किशन कीर्ति।