संदीप कुमार सिंह 12 Jul 2024 ग़ज़ल प्यार-महोब्बत मेरी यह ग़ज़ल समाज हित में हैं. इसे पढ़कर और गा कर आप लोग अवश्य लाभांवित होंगें. 33232 2 5 Hindi :: हिंदी
प्यार से पेश आया करो, दिल सदा ही लगाया करो। प्रेम की जोत को साथ रख, दीप को तुम जलाया करो। खास बन अब जहाँ में जरा, तिमिर को पर भगाया करो। माँग लूँ सब खुशी नाथ से, राह सच की बताया करो। आज से छोड़ दूँ मैं नशा, प्रीत प्रभु से निभाया करो। बाग बन कर रहें हो खुशी, गंध को ही लुटाया करो। ग़म भरा दिन यार पी चलो, हर खुशी को दिखाया करो। चार दिन प्राण के हैं यहाँ, सो सभी को हँसाया करो। सच कहूँ नाम संदीप है, सत्य का गुण सुनाया करो। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍️
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....