मोती लाल साहु 30 Jun 2025 ग़ज़ल अन्य मोती के सुर- #Moti ke Sur- ग़ज़ल- #gazal- खोज- #explore- प्रेरणा- #motivation- आत्म ज्ञान- #self knowledge- शायरी- #poetry- मोती- #Moti 17651 0 Hindi :: हिंदी
दया तू लुटा देना, कुदरत ने दिया है, जो बांटो ख़ुशी को, वो बढ़ता गया है। ये मालिक की दुआ है, हर जर्रे में शामिल, जो देखा उसे दिल से, वो हर सू मिला है। कहीं धूप है ये जीवन, कहीं छांँव गहरी, हर लम्हा यहांँ एक नया इम्तहांँ है। जो समझे ये दुनिया फक़त एक सराय है, उसे फिर कहांँ कोई रंज ओ मलाल है। प्रेम तो ग़म की दवा है, उसे क्या कमी है, जो बांटो दिल से, वो बढ़ता गया है। "मोती" कहे ये ही बात, जमाने से हरदम, के दिल से जो निकला, वही तो सदा है। -मोती